बुआई और सिंचाई का महत्व: प्याज की खेती में उचित बुआई और सिंचाई का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

ठंडी जमीन चयन: बुआई के लिए ठंडी जमीन का चयन करना आवश्यक है, जिससे प्याज को उचित पर्यावरण मिले। 

सिंचाई का समर्थन: सिंचाई के लिए समर्थन उपायों का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि प्याज पूरे सीजन में सही ढंग से पोषित हो सके। 

उचित उर्वरक प्रदान: प्याज को उचित मात्रा में उर्वरक प्रदान करना, स्वाद और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। 

रोग और कीट प्रबंधन: खेती में नियमित रूप से पेड़ों की चेकिंग करना और कीटनाशकों का उपयोग करके रोग और कीटों का सही से प्रबंधन करना अच्छा है। 

ठंडक और धूप का महत्व: प्याज को उगाने के लिए ठंडक और धूप का सही से प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि उसमें उच्च गुणवत्ता बनी रहे। 

सुरक्षित रोपण प्रणाली: सुरक्षित रोपण प्रणाली का अनुसरण करना, जिससे प्याज को किसी भी प्रकार के हानिकारक प्रभाव से बचाया जा सके। 

प्रकृतिक खेती का प्रोत्साहन: प्रकृतिक खेती को बढ़ावा देना, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले प्याज की खेती हो सके। 

विशेषज्ञ सलाह: खेती में विशेषज्ञ सलाह लेना, जो सही तकनीक और उपायों की जानकारी प्रदान कर सके। 

नियमित मॉनिटरिंग: पेड़ों की नियमित मॉनिटरिंग करना, ताकि किसी भी समस्या को पहले ही पहचाना जा सके और उचित उपाय किया जा सके।