पुराने जमाने में लोग अपने हाथ में लोहे की कवर पहनते थे।

गन्ने के खेतों में कई बार आग लगा दी जाती थी।

इसका मुख्य उद्देश्य गन्ने के पौधों की पत्तियों को जला कर और आसपास की खरपतवार को नष्ट करना था।

 इस प्रक्रिया से केवल गन्ना ही बचता था जो कि शुगर फैक्ट्री के लिए उपयुक्त रहता था।

 यह तकनीक गन्ना काटने को भी सरल बनाती थी क्योंकि केवल गन्ना ही बचता था और अन्य वन्यजीवी नष्ट हो जाते थे।

 इस प्रक्रिया का उपयोग खेत में नुकसान को कम करने के लिए किया जाता था।

आग का इस्तेमाल गन्ने के सही समय पर किया जाता था ताकि यह अधिक से अधिक प्रभावी हो सके।

इस तकनीक का उपयोग गन्ना उत्पादन में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

यह एक आर्थिकी और कृषि दृष्टि से साहित्यिक रूप से महत्वपूर्ण था।

इस प्रकार की तकनीक से गन्ने के खेतों का सुरक्षित और फायदेमंद संचालन संभव था