पुराने जमाने में लोग लोहे की कवर हाथ में पहनते थे।

गन्ने के खेतों में कई बार आग लगा दी जाती थी।

 इससे गन्ने की पत्तियां जल जाती थीं और क्षेत्र में खराबी हो जाती थी।

लोग इस तकनीक का इस्तेमाल करके शुगर फैक्ट्री के लिए सुनिश्चित गन्ना प्राप्त करने का प्रयास करते थे।

 यह तरीका गन्ने को काटने में आसानी प्रदान करता था।

इसका नकारात्मक प्रभाव यह था कि एटमॉस्फियर में एयर पॉल्यूशन बढ़ जाता था।

आसपास रहने वालों में और गन्ने के खेत में काम करने वालों में लंग्स से संबंधित कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता था।

आसपास रहने वालों में और गन्ने के खेत में काम करने वालों में लंग्स से संबंधित कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता था।

गन्ने के खेतों में आग लगाने से एकोलॉजी और पर्यावरण में हानि होती थी।

सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता के बिना ऐसे तकनीकी उपायों का अधिकारपूर्वक उपयोग करना चाहिए