टमाटर की खेती कैसे करें की सम्पूर्ण जानकारी। 

टमाटर की खेती कैसे करें की सम्पूर्ण जानकारी। 

भारत में सबसे ज्यादा लगाईं जाने वाली फसलों में से एक फसल है टमाटर। लगभग भारत के सभी राज्यों के किसान भाई टमाटर की खेती करते हैं। लेकिन टमाटर की खेती किसान भाइयों के लिए कितना फायदे का सौदा है यह जानना बहुत ही जरुरी है। इसी सवाल का जवाब हम लोग इस लेख में आगे जानेंगे। हम इस आर्टिकल में देखेंगे की टमाटर की खेती किसान भाइयों के लिए कितने फायदे का सौदा है। इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर देखें। 

नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आपका एक बार फिर से हमारे वेबसाइट पर। आज हम इस लेख में एक एकड़ टमाटर की खेती का सम्पूर्ण विश्लेषण इन 5 पॉइंट्स के आधार पर करेंगे। पहला मिटटी और समय दूसरा लागत, तीसरा उत्पादन चौथा आमदनी और सबसे अंत में पांचमा मुनाफा कितना हुआ। 

इसके साथ ही इस लेख के अंत में जानेंगे की टमाटर की फसल से गर्मी के सीजन में गर्मी के सीजन में अच्छा उत्पादन लेने के लिए कौन सा बीज का चुनाव करें। तो इस लेख में आगे बढ़ने से पहले अगर आपने अभी तक इस ब्लॉग को सब्सक्राइब नहीं किया है तो इस ब्लॉग को सब्सक्राइब कर ले और अपने दोस्तों के साथ ही आर्टिकल को जरूर शेयर करें। 

टमाटर की खेती के लिए उपयुक्त मिटटी और बुवाई का सही समय क्या है?

अब आते हैं हमारे पहले पॉइंट्स समय पर। आप टमाटर की नर्सरी तीनो सीजन में लगा सकते हैं। ठंड के सीजन में आप 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी के बिच में लगा सकते हैं। गर्मी के सीजन में आप टमाटर की नर्सरी मार्च और अप्रैल के महीने में लगा सकते हैं। व् बरसात जे सीजन में आप टमाटर की नर्सरी 15 जुलाई से लेकर 15 अगस्त के बिच में लगा सकते हैं। इसके अलावा आप सितम्बर और फरवरी के महीने में भी टमाटर की नर्सरी लगा सकते हैं। 

एक एकड़ टमाटर की खेती में कितनी लागत आती है?

टमाटर की खेती कैसे करें की सम्पूर्ण जानकारी। 

सही समय जान्ने के बाद आते हैं हम हमारे दूसरे पॉइंट लागत पर। लागत निकालने से पहले आइये हम जानते हैं की टमाटर की नर्सरी हम कीस तरह से तैयार कर सकते हैं। टमाटर की नर्सरी आप दो तरह से तैयार कर सकते हैं। पहला कोकोपे प्रोपोगेशन के माध्यम से। दुसरा विधि यह है की हम छिडकान विधि की सहायता से कार्यों के माध्यम से हम टमाटर की नर्सरी तैयार कर सकते हैं। आइये बब जानते है की टमाटर की नर्सरी हम कीस तरह से तैयार करें। 

आप सबसे पहले अपने खेत में करयो का निर्माण कर ले। करयो की लम्बाई आप 10 फ़ीट रखे और चौड़ाई 5 फ़ीट रखें। ध्यान रहे की हमारी करयो एक दम समतल होनी चाहिए। अब हम इन करयो में गोवर की खाद का छिड़काव करेंगे। और छिड़काव करने के बाद इसे हम अच्छे से मिटटी में मिला देंगे। अब आप टमाटर की बीजो की बुवाई कर सकते हैं। आप टमाटर की बीजो की बुवाई छिडकन विधि की सहायता से करें। और बीज बुवाई के बाद भी आप टहनी की सहायता से मिटटी की पतली से परत चढ़ा लें। 

अगर आप इन बीजो को ज्यादा गहराई पर बोते हैं तो आपका बीजो का जमाव अच्छी तरह से नहीं होगा। एक एकड़ टमाटर की खेती में बीज की मात्रा लगेगी 40 से 50 ग्राम। व् सेमिनस अभिलास कंपनी का 10 ग्राम के बीज के पैकेट का कीमत आएगा 570 रूपये। इस तरह हमारा 10 ग्राम बीज के पैकेट की कीमत आएगी 570 रूपये। इस तरह हमारा एक एकड़ टमाटर की खेती में बीज का खर्च आएगा 2850 रूपये। 

खेती की तैयारी का खर्च आएगा 4000 रूपये, जैविक खाद का खर्च आएगा 4000 रूपये। टमाटर की पौधो को हमे बधाई करना पड़ता है जिसका हमारा खर्च आएगा 25000 रूपये। फंगल जनित रोगो से टमाटर की फसल को बचाने के लिए हम फंगीसाइड का छिड़काव करेंगे जिसका हमारा खर्च आएगा 1550  रूपये। व् टमाटर की फसल में लगने वाले किट व् रोगो से बचाने के लिए इन्सेप्टिसाइड और पेस्टीसाइड का छिड़काव करना पड़ता है जिसका खर्च आएगा 4500 रूपये। 

उसके बाद वाटर सोलुब्ले फ़र्टिलाइज़र का खर्च आएगा हमारा 6200 रूपये। प्लांट ग्रोथ टॉनिक का हमारा खर्च आएगा 1250 रूपये। चीस मिक्रोळीन मल्चिंग पेपर की हमारी लागत आएगी 12000 रूपये। लेबर का खर्च आएगा हमारा 6000 रूपये और खेत से मंडी तक जाने का ट्रांसपोर्ट चार्ज का खर्च आएगा 8000 रूपये। 

खेत से मंडी तक जो ट्रांसपोर्ट का खर्च आएगा यह पूरी तरह से निर्भर करता है की आपके खेत से मंडी की दुरी कितनी है। और आपका लेबर का खर्च भी पूरी तरह से निर्भर करता है की आप कितना काम सव्य करते हैं और कितना काम आप लेबर की सहायता से करते हैं। इसलिए हमने लेबर का खर्च सिर्फ 6000 रुपया लिया है। इन सब खर्च को जोड़कर एक एकड़ टमाटर की खेती की हमारी लागत आएगी 73650 रूपये। 

एक एकड़ टमाटर की खेती से कितना उत्पादन होता है?

लागत के बाद आते हैं हम हमारे दूसरे पॉइंट उत्पादन पर। टमाटर की फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए सबसे जरुरी है की आप पौधो का ट्रांसप्लांट करते समय एक बात का विशेष ध्यान रखे की हमे लाइन से लाइन की दुरी 4 फ़ीट रखना है और एक पौधे से दूसरे पौधे के बिच के दुरी आप 1.5 फ़ीट रखें। अब लाइन से लाइन की दुरी कई किसान भाई तीन से साढ़े तीन फिट रखते हैं, जो की सही नहीं है। क्यूंकि हमारे पौधे के सतह अपर सूर्य का प्रकाश नहीं जाएगा जिस कारन आप लम्बे समय तक टमाटर की फसल से उत्पादन नहीं ले पाएंगे। 

इसलिए अगर आप चाहते हैं की आप टमाटर की फसल से लम्बे समय तक उत्पादन ले तो आप दो लाइन की बिच की दुरी 4 से 5 फिट के आस पास रख सकते हैं। पौधे के ट्रांस्प्लाण्डिंग के 45 दिन के बाद से ही हमे उत्पादन मिलने लगता है। और अगर आपने सही किस्म के बीज का चुनाव किया है आपकी फसल किट व् रोग मुक्त है तो आप टमाटर की फसल से मिनिमम तीन महीने और मैक्सिमम चार महीने तक उत्पादन ले सकते हैं। इस तरह से हम एक एकड़ टमाटर की फसल से 250 से 300 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं। हम इन दोनों का एवरेज 280 क्विंटल लेते हैं। यानी की एक एकड़ टमाटर की फसल से हमारा उत्पादन हुआ 280 क्विंटल। 

एक एकड़ टमाटर की खेती से कितनी आमदनी होती है?

समय, लागत, उत्पादन के बाद आते हैं हम हमारे चौथे पॉइंट आमदनी पर। टमाटर का थोक भाव पुरे साल हमे कम और एवरेज देखने को मिलता है। पर हर साल में दो से तीन महीने ऐसे आते हैं। जब आपका टमाटर की फसल का काफी अच्छा मंडी थोक भाव देखने को मिलता है। 

जैसे इस साल कई किसान भाइयों ने टमाटर को 40 रूपये किलो, 50 रूपये किलो और 60 रूपये किलो भी बेचा है। लेकिन अभी टमाटर का मंडी थोक भाव कम है। हमारे एरिया में टमाटर का मंडी थोक भाव 5 रूपये से लेकर 15 रूपये के बिच में मिल रहा है। 

और पुरे साल हमे टमाटर की मंडी थोक भाव 5 रूपये से लेकर 15 रूपये किलो देखने को ही मिलता है। इसलिए हम इन दोनों का एवरेज साढ़े सात रूपये किलो लेते हैं। हमारा उत्पादन हुआ था 280 क्विंटल। और एक क्विंटल में 100 किलो होता है। हमने एक किलो का मंडी थोक भाव लिया है साढ़े सात रूपये किलो। तो इस तरह हमारी आमदनी हुई 2,10,000 रूपये। 

एक एकड़ टमाटर की खेती से फायदा कितना होता है?

टमाटर की खेती कैसे करें की सम्पूर्ण जानकारी। 

समय, आमदनी, उत्पादन और लागत के बाद हम आते हैं हमारे पाँचमे पॉइंट के ऊपर की प्रॉफिट कितना हुआ। प्रॉफिट निकलने के लिए हम सिंपल कुल आमदनी में से लागत को घटा देंगे। तो जो आकड़ा हमे मिलेगा वह हमारा प्रॉफिट रहेगा। हमारी आमदनी हुई थी दो लाख दस हजार रूपये। और हमारी लागत आयी थी 73,650 रूपये। इस तरह हमारा प्रॉफिट हुआ (1,36,350 रूपये ) एक लाख छतीस हज़ार तीन सौ पचास रूपये। जो की काफी अच्छा है। 

अब इस लेख के अंत में जानते हैं की गर्मी के सीजन में हमे टमाटर की कौन सी बीजो का चुनाव करना चाहिए। तो आप गर्मी के सीजन में आप तीनो सीजन में सेमीनार अभिलास की बीजो की बुवाई कर सकते हैं। Seminish Abhilash (सेमिनीश अभिलास) वैसे तो हाइब्रिड किश्म है। पर इसके फलो में एक देसी टच आता है, जिस कारण इसका मार्केट में अच्छी डिमांड रहती है। इसके साथ ही बहुत से किसान भाइयो ने यह नोटिस किया है की सेमिनिस अभिलास में निमेटोड बिमारी की समस्या देखने को नहीं मिलती। 

Syngenta Saaho 3251 इस वैरायटी को मार्केट में आये हुए साढ़े तीन साल हुए हैं। आप इस वैरायटी का उपयोग तीनो सीजन में कर सकते हैं। व इसको फलो का अकार सेम रहता है। व् इसमें फलो की संख्या ज्यादा आते हैं। और इसके पौधे की हाइट 5 से 6 फ़ीट तक चली जाती है। इसका छिलका मोटा होने के कारण ट्रांसपोर्ट में कोई परेशानी नहीं आती। आप बड़े आसानी से इसे एक जगह से दूसरे जगह बहुत ही आसानी से इसे ट्रांसपोर्ट कर सकते हैं। 

Seminis Manik सेमिनिस माणिक इसके बीजो का चुनाव आप गर्मी व् बरसात के सीजन में कर सकते हैं। हमारी लास्ट वैरायटी है जिसके बीजो का चुनाव आप गर्मी के सीजन में कर सकते हैं। वह यह Namdhari Seeds 4266 इस बीजो का चुनाव आप गर्मी के सीजन में कर सकते हैं। 

दोस्तों इस लेख में दी गयी जानकारी अगर आपको अच्छी लगी हो तो इस लेख को अपने दोस्तों और किसान भाइयों के साथ शेयर जरूर करें। और ऐसे ही फसल और खेती के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब अवश्य करें। तथा अगर आपको टमाटर की खेती से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें। हमारा यह लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत – बहुत धन्यवाद। 

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