जानिए कैसे की जाती है की अखरोट की खेती?

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जानिए कैसे की जाती है की अखरोट की खेती?

अखरोट एक तरह का ड्राई फ्रूट होता है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खाने में क्या जाता है। अखरोट में कई तरह के पोस्टिक तत्व मौजूद होते हैं, जो मानव शरीर के लिए काफी लाभदायक भी होते हैं। अखरोट का ऊपरी हिस्सा काफी सख्त होता है, मगर इसके अंदर पाई जाने वाली गिरी खाने मैं कई तरह से  इस्तेमाल होते हैं। इसे खाने के अतिरिक्त कई तरह की चीजों अखरोट के फल से तेल, स्याही, रंजक, औषधि, और बंदूक के कुंडों को तैयार करने में किया जाता है। 

भारत में अखरोट की खेती को पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू और कश्मीर,उत्तरांचल,हिमाचल प्रदेश तथा अरुणाचल प्रदेश में किया जाता है। जहां इसके पौधों की ऊंचाई 40 से 90 फीट तक पाई जाती है। अखरोट का सूखे मेवे में बहुत अधिक महत्व होता है और यह काफी आसानी से भी बिक जाता है। जिससे कोई भी अखरोट की खेती कर अच्छा लाभ कमा सकता है।तो आज हम इस लेख में जानेंगे की कैसे अखरोट की खेती होती है और कैसे किसान भाई इससे अच्छा लाभ कमा सकते है। 

अखरोट की खेती के लिए उचित जलवायु, तापमान और मिट्टी। 

अखरोट की खेती को ऐसी जगह नहीं करना चाहिए जहां जलभराव की समस्या होती है। क्योंकि छारीय भूमि को इसकी खेती के लिए हानिकारक होता है। अखरोट की खेती में भूमि का p.h मान 5-7 के मध्य होना चाहिए। इसके अलावा सैनी जलवायु वाले प्रदेशों को अखरोट की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है।

अधिक गर्मी और सर्दी दोनों ही जलवायु अखरोट की खेती के उपयोग नहीं होते हैं। सर्दियों में गिरने वाला पाला अखरोट की पैदावार को अधिक प्रभावित करता है, अधिक बारिश भी इसकी फसल के लिए उपयुक्त नहीं होती है। इसलिए इसकी खेती को सामान्य जलवायु वाले क्षेत्रों में करना चाहिए। अखरोट के पौधों को अच्छे से विकास करने के लिए 20 से 25 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। यह गर्मियों के मौसम में अधिकतम 35 डिग्री तापमान तथा सर्दियों के मौसम में न्यूनतम 5 डिग्री तापमान को ही सहन कर सकता है। 

फलों की तूड़ाई पैदावार और लाभ। 

अखरोट के पौधों सामान्य तौर पर पैदावार देने के लिए 20 से 25 वर्ष का अधिक समय लेते हैं, किंतु अखरोट की उन्नत किस्में बीज  से 3-4 वर्ष में ही पैदावार देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके पौधों में जब फलों की उतरी छल फटने लगे तब तूराई कर लेनी चाहिए। तथा जब इसके फल 20% तक गिर जाए तब इसके फलों की तुडाई कर लेनी चाहिए। 

अखरोट की चमक के लिए इन्हें एक विशेष प्रकार के घोल में डूबा लिया जाता है। इसके बाद इसके फलों को धूप में अच्छे से सुखा लेना चाहिए। अखरोट एक पौधा तकरीबन 40 केजी की पैदावार देता है, तथा अखरोट का बाजार भाव किस्म के आधार पर 500 से 1000 रुपए प्रति किलो होता है। जिससे किसान भाई अखरोट की खेती कर एक बार में अच्छी कमाई कर सकते हैं।

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