गन्ने की खेती में हार्वेस्टिंग कैसे की जाती है – जानिये सम्पूर्ण जानकरी। 

गन्ने की खेती में हार्वेस्टिंग कैसे की जाती है

एक बार बुवाई करने के बाद एक साल में गन्ना तैयार हो जाता है। गन्ना एक बार उगाने के बाद उसे दो बार काटा जाता है और अगर पानी और खाद की अच्छी व्यवस्था है तो आप कई सालों तक गन्ने का उत्पादन कर सकते हैं। अब बारी है गन्ने की कटाई की। गन्ने की कटाई कई तरीके से की जाती है एक तो हाथ के द्वारा और दूसरी मशीनों के द्वारा। गन्ने की कटाई का सबसे पहला मैथड हाथ के द्वारा होता है। 

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गन्ना की कटाई कैसे होती है?

इसमें एक बड़े से चाकू के द्वारा मजदूर गन्ने को उसकी सतह से काट देते हैं और फिर उसके ऊपर की पत्तियों को अलग कर दिया जाता है और गन्ने को एक गठरी में बांध दिया जाता है और हर गठरी में 20 से 25 गन्ने बांधी जाती है ताकि उसे उठाने में आसानी हो। चूंकि गन्ने की पत्तियां बहुत रेतीली और खुजली वाली होती हैं इसलिए मजदूर अपने हाथों और पैर में फुल कपड़े पहनते हैं। 

गन्ना की खेत में आग लगाकर हार्वेस्टिंग कैसे की जाती थी?

पुराने जमाने में तो लोग लोहे की कवर हाथ में पहनते थे और क्या आपको मालूम है दोस्तों की कई बार गन्ने के खेतों में आग लगा दी जाती है जिससे उसकी पत्तियां और आसपास की खरपतवार जल जाए और सिर्फ गन्ना बचे जो कि शुगर फैक्ट्री के लिए काफी अच्छा रहता है। जिससे गन्ना काटने में भी आसानी रहती है। 

लेकिन दोस्तों हम आपको बता दें कि यह तरीका यहां रहने वाले निवासियों के लिए नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है क्योंकि एटमॉस्फियर में एयर पॉल्यूशन बढ़ जाता है और आसपास रहने वालों में और गन्ने के खेत में काम करने वाले मजदूरों में अक्सर लंग्स से संबंधित कैंसर होने का खतरा बना रहता है। 

गन्ने के खेत को जलाने की विधि को कई देशों में बैन लगा हुआ है, लेकिन गवर्नमेंट की परमिशन से गन्ने के खेतों में आग लगाकर गन्ने की हार्वेस्टिंग कर सकते हैं। वैसे दोस्तों हम आपको बता दें कि एक बार अमेरिका के फ्लोरिडा शहर में इस विधि का उपयोग करने से कई मजदूर बीमार पड़ गए और चीनी बनाने वाली कंपनी को भारी मुआवजा देना पड़ा था और कंपनी भी बंद हो गई थी। 

मशीन के द्वारा गन्ने की हार्वेस्टिंग कैसे होती है?

दूसरा मैथेड मशीनों के द्वारा गन्ने की कटाई की जाती है। ये एक ऐसी ऑटोमेटिक मशीन होती है जिससे घंटों की गन्ने की कटाई मिनटों में कर दी जाती है। इसमें जैसे ही मशीन गन्ने के खेत के ऊपर गन्ने पर चलती है

उसी वक्त गन्ने को अपनी तरफ खींच लेती है। इस मशीन के द्वारा गन्ने छोटी छोटी पीसेस में कट जाती हैं और उसके बाद डायरेक्टर में ऑटोमेटिक एक्सलरेटर के द्वारा अपने आप डायरेक्ट चले जाते हैं और जो गन्ने की पत्तियां होती हैं वे भी दूसरी तरफ से निकलकर खेतों में ही गिर जाती हैं। इस तरीके से मशीन से कटाई होती है।

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