बरसात में फूल गोभी की खेती से लाखों रुपया कैसे कमाए

बरसात के सीजन में लगाई गई फूलगोभी की फसल और ठंड के सीजन में लगाई गई फूलगोभी की फसल में हमें जमीन आसमान का अंतर देखने को मिलता है। बारिश के सीजन जहां हमारे फूलगोभी के पौधे की ग्रोथ कम होती है, वही ठंड के सीजन फूलगोभी के पौधे की ग्रोथ हमें ज्यादा देखने को मिलती है। साथ ही साथ बारिश के सीजन फूलगोभी के पौधे के ऊपर हमें कीट व रोगों का अटेक ठंड के सीजन की तुलना में ज्यादा देखने को मिलता है। 

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बारिश की सीजन में फूल गोभी का वजन क्या रहता है?

और हमें बारिश के सीजन में फूलगोभी का वजन 700 ग्राम के आसपास मिलता है और ठंड के सीजन में हम 800 ग्राम से लेकर एक किलो के आसपास तक फूलगोभी गोभी के फूल का वजन देखने को मिलता है।

लेकिन इन सभी मुश्किलों के बाद बारिश के सीजन में फूलगोभी का हमें मंडी ₹25 किलो से लेकर ₹50 किलो तक देखने को मिलता है। यानि बारिश के सीजन में लाखों की आमदनी करने के हिसाब से फूलगोभी की फसल किसान भाईयों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। बारिश के सीजन में फूलगोभी की खेती किस तरह से करें जानेंगे इस लेख में। 

फूल गोभी की नर्सरी बारिश के सीजन के हम किस तरह से तैयार करें?

बारिश के सीजन फूल गोभी की फसल से उत्पादन लेने की आप फूल गोभी की नर्सरी 15 मई से लेकर 15 जुलाई तक लगा सकते हैं व बारिश के सीजन में फूल गोभी की नर्सरी लगाने का सबसे उपयुक्त समय जून का महीना है। आप बारिश के सीजन के लिए फूल गोभी की नर्सरी क्यारियां बनाकर लगाएं। क्यारियों की लंबाई 10 फिट व चौड़ाई 5 फीट रखें। 

फूल गोभी की खेती के लिए नर्सरी तैयार कैसे करें?

अब आप फूल गोभी के बीजों का छिड़काव कर के सकते हैं। बीज बुवाई के बाद आपको इन बीजों के ऊपर मिट्टी चढ़ा दें। ध्यान रहे की हमें मिट्टी की एक हल्की सी परत चढ़ा लें। अगर आप इन बीजों को ज्यादा गहराई में बोते तो आपके बीजों का जमाव अच्छी तरह से नहीं होगा। और बाद में फिर आप सिंचाई कर। दोस्तों फूलगोभी की नर्सरी 25 से 30 दिन ट्रांसप्लांट के लिए तैयार हो जाती है। 

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